तो वही सबसे बेखबर कबीर अभी भी वही बैठा था!"तभी रूम का दरवाजा खुला और डॉक्टर बाहर आए उन्होंने सबको देखा तो कबीर खड़े होते हुए बोला–" सांझ..सांझ ठीक है ना.. मैं.. मैं मिल सकता हूं ना उससे?"
कबीर के चेहरे पर परेशानी साफ नजर आ रही थी डॉक्टर ने कबीर को देखा और उसके कंधे पर हाथ रखते हुए बोला–" सॉरी मिस्टर शेखावत लेकिन हम आपकी वाइफ को नहीं बचा पाए!" इतना बोल डॉक्टर वाह से चले गए!"
" नहीं... नहीं...मेरी सांझ को कुछ नहीं हो सकता! नहीं उसे कुछ नहीं हो सकता! वो मुझे छोड़कर नहीं जा सकती!" सब लोग उसे संभाल रहे थे लेकिन उसकी आंखो से आंसू निकल रहे थे
साजन बेइंतहा इश्क सीजन 2.....
upcoming chapter
डियर रीडर्स कमेंट क्यों नहीं करते आप सब स्टोरी पढ़कर? अगर नई स्टोरी पढ़नी है तो बता दीजिए? में उसकी एक छोटी सी झलक डाल सकती हूं
Nishuakash Soni
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
Nirma Choudhary
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
.
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
Sanju Patel
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
1745497656493327
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
Seema 03666
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
Juli Mandal
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
Jyoti
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
Anu Garg
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
Aryan Singh
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?
.
टिप्पणी हटाएं
क्या आप वाकई इस टिप्पणी को हटाना चाहते हैं?