अन्वेषा- "छोड़िए मुझे! आपकी छुअन मुझे ज़हर जैसी लगती है।"❤️🔥
अभिमान- (उसकी आँखों में सीधे देखते हुए) "ज़हर? तो फिर तुम्हारी नब्ज़ इतनी तेज़ क्यों चल रही है, अन्वेषा? यह नफ़रत की आग है या उस जुनून का डर, जो तुम खुद से छिपा रही हो?"🔥
पढ़िए SAFAR-E-DIL-जब नफ़रत जुनून में बदल जाए ❤️🔥✨️