"ये कोई महंगे बाज़ार से खरीदा हुआ गुलदस्ता नहीं है, ये तो सड़क के किनारे मुस्कुराते हुए उन 'जंगली फूलों' की कहानी है, जिन्होंने मेरी भागदौड़ भरी लाइफ में सुकून के रंग भर दिए। इस फोटो के पीछे छिपी है एक अनकही याद... जिसे मैंने अपनी खिड़की पर सजाया था।" पढ़िए मेरी book"स्याही और जज्बात"
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Divya Verma
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