कहानी है कबीर अहमद मिर्जा और हिना वकार मिर्जा की—दो ऐसे लोग जो एक ही रिश्ते में बंध तो गए हैं, मगर दिलों की दूरी अब भी बाकी है।
कबीर, एक बेहद पारंपरिक और सख्त मिजाज मुस्लिम परिवार का बड़ा बेटा, जिसकी जिम्मेदारियां उसके कंधों पर इतनी भारी हैं कि उसने खुद की ख्वाहिशों को हमेशा पीछे रखा। वह दिल से हिना को चाहता है, उसे अपनाना चाहता है, मगर उसके तरीके, उसकी गंभीरता और उसकी चुप्पी… हिना के दिल में कई सवाल और गलतफहमियां भर देती है।
हिना, उसी परंपरागत खानदान की सबसे बड़ी बेटी, जिसने बचपन से घर के सख्त नियमों में खुद को ढाला है। निकाह तो हो गया, लेकिन रुकसती अभी बाकी है। अपने मायके और ससुराल के बीच झूलते हुए, वह कबीर के सच्चे इरादों को समझ ही नहीं पाती, और दिल के कोने में उसकी एक अलग ही तस्वीर बना लेती है—एक ऐसी तस्वीर, जिसमें मोहब्बत कम और सख्ती ज्यादा है।
यह सिर्फ दो लोगों की नहीं, बल्कि दो दिलों, दो सोचों और दो परंपराओं के टकराव की कहानी है… जहां प्यार की शुरुआत गलतफहमियों के पर्दे को चीरकर होनी है।Check out कुबूल है🍁🍁
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Anu Choudhary
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Kartik Ōñ
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